अब तक 16.43 करोड़ से अधिक लोगों ने आरोग्य सेतु एप किया डाउनलोड, सरकार नेबैकएंड कोड किया जारी

▴ अब तक 16.43 करोड़ से अधिक लोगों ने आरोग्य सेतु एप किया डाउनलोड, सरकार नेबैकएंड कोड किया जारी

इस एप को अब तक 16.43 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं द्वारा डाउनलोड किया गया है और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों को बहुत आगे बढ़ा।


इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयने आरोग्य सेतु का बैकएंड कोड ओपन डोमेन में जारी किया है। यह कोड यहां उपलब्ध है-

https://openforge.gov.in/plugins/git/aarogyasetubackend/aarogya_setu_backend?a=tree&hb=3d5bce9e481d89ecbe6ed3f07179419bb04ecc66&f=src

ओपन फोर्ज भारत सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस एप्लिकेशन सोर्स कोड के साझाकरण और इसके फिर से उपयोग को बढ़ावा देने के लिए स्थापित एक मंच है।भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ‘सरकारी एप्लीकेशन्स के सोर्स कोड को ओपन कर सहयोगात्मक एप्लीकेशन डेवलपमेंट पर नीति’शुरू की है, जो रिपॉजिटरिज में सरकारी कस्टम विकसित सोर्स कोड को संग्रहित करने और फिर से इसका उपयोग, साझा करने और रिमिक्सिंग को बढ़ाना देने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है।

सरकार सोर्स कोड खोलकर सरकारी विभागों/एजेंसियों और निजी संगठनों, नागरिकों और डेवलपर्स के बीच सहयोगात्मक विकास को प्रोत्साहित करना चाहती है, जिससे अभिनव ई-गवर्नेंस एप्लीकेशनों और सेवाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।आरोग्य सेतु एप को लेकर सरकार का प्रयास रहा है कि इससे संबंधित सभी जानकारियों को साझा किया जाए।इससे पहले एंड्रॉयड और आईओएस संस्करणों के सोर्स कोड जारी किए गए थे और भारत सरकार की नीति के अनुसार डेवलपर समुदाय के साथ सभी कोड रिपॉजटरी साझा करने के लिएबैकएंड सोर्स भी जारी किया जा रहा है।

भारत में कोविड-19 महामारी में मदद के लिए आरोग्य सेतु एप एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।आरोग्य सेतु एप भारत सरकार द्वारा 2 अप्रैल, 2020 को भारतीय उद्योग, अकादमिक और सरकार के सर्वश्रेष्ठ मस्तिष्कों की सक्रिय भागीदारी के साथ शुरू किया गया था। इन्होंने मजबूत, मापनीय और सुरक्षित एप बनाने के लिए चौबीस घंटे काम किया। इस एप का अब राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा प्रबंधन और समर्थित किया जा रहा है।महामारी की आपदा का जवाब देने के लिए रिकॉर्ड समय में आरोग्य सेतु एप का विकास उस क्षमता का प्रमाण है, जो भारत में बड़े पैमाने परसॉफ्टवेयर उत्पादों को विकसित करने में है।आरोग्य सेतु एप को सबसे पारदर्शी तरीके से विकसित किया गया है और गोपनीयता नीति, आरोग्य सेतु डेटा एक्सेस एवं नॉलेज शेयरिंग प्रोटोकॉल सहित सभी विवरण और दस्तावेज आरोग्य सेतु पोर्टल–aarogyasetu.gov.inपर अपलोड किए गए हैं।इस पोर्टल पर एप के बारे में सभी विवरण मौजूद है। इस पर कोविड के बारे में जानकारी, एप कैसे काम करता है और किसी को आरोग्य सेतु का उपयोग क्यों करना चाहिए, इनके बारे में बताया गया है।आरोग्य सेतु एप के बारे में नियमितअपडेट सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ सरकारी पोर्टलों पर भी साझा किए गए हैं।

इस एप को अब तक 16.43 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं द्वारा डाउनलोड किया गया है और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों को बहुत आगे बढ़ाया है।इसने कोविड संक्रमितउपयोगकर्ताओं के ब्लूटूथ संपर्कों की पहचान करने में मदद की है और लोगों को सुरक्षित रहने में मदद करने के लिए अलर्ट जारी किया है। इन ब्लूटूथ संपर्कों को कोविड-19 संक्रमित उपयोगकर्ताओं के संपर्क में आने की सीमा के आधार पर सावधानी, संगरोध या जांच की सलाह दी गई है। इसके तहत जिन लोगों को सलाह दी गई, उनमें लगभग 27 फीसदी संक्रमित पाए गए हैं। यह संपूर्ण संक्रमित दर 7-8 फीसदी की तुलना में काफी अधिक है। इस प्रकार जांच की दक्षता आरोग्य सेतु के साथ बढ़ गई है। इसके अलावा आरोग्य सेतु लोकेशन डेटा के साथ आईटीआईएचएएस इंटरफेस ने उभरते हुए हॉटस्पॉटों की पहचान करने में मदद की है, जहां विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य प्राधिकारियों और प्रशासन द्वारा सक्रिय कदम उठाए गए हैं। इस प्रकार कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में आरोग्य सेतु बहुत उपयोगी साबित हुआ है। आरोग्य सेतु एप के सोर्स कोड को जारी करना इसकी पारदर्शिता को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि करने की दिशा में एक कदम है।

Tags : #corona #aarogyasetuapp #covid19 #coronawarrior

About the Author


Ranjeet Kumar

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री. न्यूज़ चैनल, प्रोडक्शन हाउस, एडवरटाइजिंग एजेंसी, प्रिंट मैगज़ीन और वेब साइट्स में विभिन्न भूमिकाओं यथा - हेल्थ जर्नलिज्म, फीचर रिपोर्टिंग, प्रोडक्शन और डायरेक्शन में 10 साल से ज्यादा काम करने का अनुभव.
नोट- अगर आपके पास भी कोई हेल्थ से संबंधित ख़बर या स्टोरी है, तो आप हमें मेल कर सकते हैं - [email protected] हम आपकी स्टोरी या ख़बर को https://hindi.medicircle.in पर प्रकाशित करेंगे

Related Stories

Loading Please wait...
-Advertisements-



Trending Now

बिहार में मास्क नहीं पहनने पर अब लगेगा 5 सौ रुपए का जुर्मानाNovember 25, 2020
बिहार में मास्क नहीं पहनने पर अब लगेगा 5 सौ रुपए का जुर्मानाNovember 25, 2020
कोरोना काल में जन्में बच्चों का कैसे करें देखभालNovember 25, 2020
महाराष्ट्र में आने से 72 घंटे पहले यात्रियों को कोरोना की होगी जांच November 25, 2020
बवासीर के रोगियों के लिए मूली एवं इसके पत्तों की सब्जी खाना है बेहद फायदेमंदNovember 25, 2020
अच्छी नींद हार्ट अटैक के खतरे को करता है कमNovember 25, 2020
भारत में अबतक साढ़े तेरह करोड़ लोगों का हुआ कोरोना टेस्ट November 25, 2020
मास्क न पहनने की वजह, कोरोना ने लिया महामारी का रूप November 25, 2020
दिल्ली में बढ़ते कोरोना वायरस की एक बड़ी वजह है वायु प्रदूषण November 25, 2020
जाने अधिक संतरा खाने के नुकसान November 25, 2020
सर्दियों में रोज़ हरी मटर खाने से रहेंगी हड्डियां मज़बूतNovember 25, 2020
वैक्सीन उत्पादन में होगी भारत की बड़ी भूमिका - डॉ हर्षवर्धनNovember 25, 2020
ब्लैकहेड्स हटाने के लिये अपनाये इस होममेड स्क्रब को, जाने बनाने का तरीका November 25, 2020
दांत में फोड़ा हो जाने पर क्या करना चाहिये, जाने इसके लक्षणNovember 25, 2020
महाराष्ट्र में कोरोना टीके के वितरण के लिए कार्यबल का किया गया गठनNovember 25, 2020
बस ये 5 चीज आहार में कर ले शामिल, घट जाएगा बढ़ा हुए वजनNovember 24, 2020
सर्दी के मौसम में ऐसी गलती आप न करें, नहीं तो हो सकते हैं बीमारियों के शिकारNovember 24, 2020
सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट के लिए आरटी-पीसीआर जांच के मुल्य निर्धारण हेतु केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस November 24, 2020
अगर बिगड़ा हुआ है आपका पाचन, तो करें अनानास का नित्य सेवनNovember 24, 2020
जाने ऐसी पांच सब्जियों के बारे में, जो इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने में मदद करते हैंNovember 24, 2020