जाने बायोटिन के फायदे और डोज़

▴ जाने बायोटिन के फायदे और डोज़

बायोटिन, पानी में घुल जाने वाला या वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है। ये विटामिन बी के परिवार का ही हिस्सा है। इसे विटामिन भी कहा जाता है। शरीर को कुछ न्यूट्रीएंट्स या पोषक पदार्थों को ऊर्जा में बदलने के लिए बायोटिन की आवश्यकता पड़ती है। ये बालों, स्किन और नाखूनों को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।


दोस्तों यह आपको शायद ही पता हो कि हमारे बाल केराटिन प्रोटीन से बनते हैं तो जब हमारे शरीर में बियोटिन की कमी हो जाती है तो केरेटिन मात्रा भी हिल जाती है। बायोटीन केराटिन प्रोटीन को अच्छे से अवशोषित करने में फायदा देती है जिससे आपके बाल अच्छे रहते हैं, स्वस्थ रहते हैं और झड़ते भी नहीं और अगर झड़ रहे हैं तो उन्हें रोकती है।

बायोटिन सिर्फ आपके बालों के लिए ही फायदेमंद नहीं है। इसके अलावा यह आपकी त्वचा और आपके नाखूनों के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

बायोटिन, पानी में घुल जाने वाला या वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है। ये विटामिन बी के परिवार का ही हिस्सा है। इसे विटामिन भी कहा जाता है। शरीर को कुछ न्यूट्रीएंट्स या पोषक पदार्थों को ऊर्जा में बदलने के लिए बायोटिन की आवश्यकता पड़ती है। ये बालों, स्किन और नाखूनों को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।

 अगर शरीर में बायोटिन की कमी हो जाए तो, हेयर लॉस या स्किन पर लाल चकत्ते पड़ने की समस्या हो सकती है। इसकी कमी से नाखून में कमजोरी आने जैसी समस्या भी हो सकती है। हालांकि, इसकी कमी के मामले बिरले ही होते हैं।

बायोटिन की खुराक -

बायोटिन की खुराक : बायोटिन डोज़

नवजाटी शिशु – 6 महीने : 5एमसीजी

शिशु 7 – 12 महीने : 6 एमसीजी

बच्चे 1 – 3 साल : 8 एमसीजी

बच्चे 4 – 8 साल : 12 एमसीजी

बचे 9 – 13 साल : 20 एमसीजी

किशोर 14 – 18 साल : 25 एमसीजी

व्यसक

19 साल या इससे ज़्यादा उम्र : 30 एमसीजी

गर्भावस्था में : 30 एमसीजी

स्तनपान कराने वाली महिलाएं: 35 एमसीजी

बायोटिन के फ़ायदे

मांसपेशियों और टिश्यूज की मरम्मत करता है बायोटिन - जैसा कि हम जानते हैं कि बायोटिन की कमी से मांसपेशियों में तनाव और दर्द बना रहता है। इसका कारण यह है कि मांसपेशियों में होने वाली दिक्कतें बायोटिन की कमी के कारण सही नहीं हो पाती हैं।

अगर बायोटिन को पर्याप्त मात्रा में लिया जाए तो मांसपेशियों और टिश्यूज में होने वाली समस्याओं को सुलझाया जा सकता है।

बायोटिन बी कॉम्प्लेक्स विटामिन है और यह शरीर में एमीनो एसिड्स और प्रोटीन के मेटाबॉलिज़्म को बढ़ा देता है। ऐसा होने पर मांसपेशियां और टिश्यूज तेज़ी से मरम्मत करने लगते हैं।

बायोटिन ना सिर्फ़ मांसपेशियों की मरम्मत करने का ही कार्य करता है बल्कि यह कोशिकाओं को पुनः बनने के लिए भी प्रेरित करता है।

बायोटिन ग्लूकोस के मेटाबॉलिज़्म को भी बढ़ावा देता है। इस तरह शरीर नई कोशिकाओं को बनाने के लिए प्रेरित होता है क्योंकि

टिश्यूज में एक नई ऊर्जा का संचार हो जाता है। नई कोशिकाएं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती हैं।

वज़न घटाने में सहायक है - जो लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें बायोटिन का भरपूर सेवन करना चाहिए। कहने का मतलब यह है कि मोटापे से पीड़ित लोगों को अपने आहार में ऐसी चीज़ों को शामिल करना चाहिए जिनमें कि बायोटिन की प्रचुर मात्रा पाई जाती हो।

कुछ अध्ययनों से इस बात का ख़ुलासा किया गया है कि बायोटिन और क्रोमियम का मिला हुआ रुप शरीर में ट्राइ ग्लेसेराइड के लेवल को कम कर देता है जिससे कि वज़न घटाने में सहायता मिलती है।

यदि शरीर में ट्राइ ग्लेसेराइड का स्तर बढ़ जाता है तो शरीर में फ़ैट बनना शुरू हो जाता है लेकिन बायोटिन ट्राइ ग्लेसेराइड के स्तर को पूरी तरह कम कर देता है।

बायोटिन शरीर में मेटाबॉलिज़्म प्रक्रिया को भी बढ़ा देता है जोकि वज़न घटाने में काफ़ी हद तक सहायता करती है।

मेटाबॉलिज़्म सही हो जाने से पाचन भी सुदृढ़ होता है और वसा के कण आसानी से टूटने लगते हैं जिससे कि उनका शरीर में कहीं भी जमाव नहीं होता है।

वसा के कण टूटकर ना सिर्फ़ शरीर को ऊर्जा ही देते हैं बल्कि वज़न को भी कम करते हैं। कुल मिलाकर बायोटिन वज़न कम करने के लिए पर्फेक्ट डाइट है।

मधुमेह में लाभकारी है बायोटिन - जिन लोगों को टाइप 2 मधुमेह है उनके लिए बायोटिन बहुत फ़ायदेमंद होता है। बायोटिन शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को कम कर देता है। ऐसे में मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को बहुत आराम मिलता है।

जिन लोगों में इंसुलिन की कमी होती है उनको बायोटिन का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। शोधों में इस बात को सिद्ध किया गया है कि पर्याप्त मात्रा में लिया गया बायोटिन ग्लाइसेमिक मैनेजमेंट के स्तर को सुधारने में सहायक होता है।

कुछ समय पूर्व हुए शोध में इस बात का ख़ुलासा किया गया है कि बायोटिन और क्रोमियम को एक साथ लेने से डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति को काफ़ी फ़ायदा पहुँचता है।

बायोटिन और क्रोमियम के मिले हुए रूप को डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति को इंजेक्शन के माध्यम से भी दिया जा सकता है।

इन्फ्लामेशन की समस्या से देता है राहत - इन्फ्लामेशन की समस्या से राहत पाने के लिए बायोटिन का सेवन करना चाहिए। शोधों में इस बात का दावा किया गया है कि बायोटिन शरीर में प्रोइन्फ्लामेशन साइटोंकाइन्स को बढ़ने से रोकता है ताकि शरीर की इन्फ्लामेशन से रक्षा की जा सके।

चूँकि बायोटिन मांसपेशियों को भी मज़बूत कर देता है अतः यह भी एक कारण है कि बायोटिन इन्फ्लामेशन की समस्या से आराम देता है।

मस्तिष्क को मज़बूत बनाता है बायोटिन - बायोटिन मस्तिष्क के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होता है क्योंकि यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करता है।बायोटिन ना सिर्फ़ याददाश्त को कमज़ोर होने से बचाता है बल्कि यह मेमोरी पावर को भी स्ट्रॉंग करता है।

बायोटिन न्यूरॉन कोशिका में माइलिन शीथ को बनाने में सहायक होता है। माइलिन शीथ न्यूरॉन कोशिका का एक महत्वपूर्ण भाग है जो कि फैटी एसिड्स से घिरा हुआ होता है और मस्तिष्क व शरीर के अंगों के बीच कम्युनिकेशन को मेंटेन रखने में सहायक होता है।

ऐसे में माइलिन शीथ में होने वाली कोई भी कमी मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को कमज़ोर कर सकती है जिससे कि हमारी मेमोरी पावर कमज़ोर हो जाती है।

बायोटिन के पर्याप्त सेवन से माइलिन शीथ में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या को समाप्त किया जा सकता है। इसके द्वारा हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी मज़बूत बनती है।

Tags : #Advantages #dosages #biotin

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Taniya Chhari

Healthcare Journalist, and a content writer, Experienced Theatre artist, and belly dancer. [email protected] हम आपकी स्टोरी या ख़बर को https://hindi.medicircle.in पर प्रकाशित करेंगे.

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