नाइट जैसमीन लगा कर फेस के निशान को करे गायब

▴ put-the-night-jasmine-and-make-the-face-mark

हिंदू धर्म में इस पौधे से जुड़ी कई मान्यताएं और कहानियां हैं, जो इसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाती हैं. आज हम इस खास फूल से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में बता रहे हैं.


पारिजात को नाइट जैस्मिन और हरसिंगार भी कहते हैं. यह एक सुंदर फूल है, जो ज्यादातर पूजा स्थलों पर पाया जा सकता है और पाठ पूजा में इसका इस्तेमाल होता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह फूल न केवल सुंदर दिखता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा है? जी हां, हरसिंगार के फूल के साथ इसके पत्तों में भी चिकित्सीय गुण होते हैं जो आंख, भूख आदि से जुड़ी समस्याओं को के मुद्दों को ठीक करते हैं. हिंदू धर्म में इस पौधे से जुड़ी कई मान्यताएं और कहानियां हैं, जो इसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाती हैं. आज हम इस खास फूल से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में बता रहे हैं.

घाव या स्किन के निशान

अगर आपको लगता है कि कि इस पौधे का त्वचा से कोई लेना-देना नहीं है तो हो सकता है ये आपकी गलतफहमी हो. यह औषधीय पौधा घाव और त्वचा के दाने को ठीक करने के लिए बहुत अच्छा है. नाइट जैस्मीन में मॉजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण किसी भी अन्य एंटीसेप्टिक की तरह घाव को भरने में मदद करते हैं. नाइट जैस्मिन के अर्क में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जिसे आप पेस्ट रूप में अपने घाव पर लगा सकते हैं. इसके साथ ही, नाइट जैस्मिन की ताजी धुली पत्तियों को पीसकर भी घाव पर लगाया जा सकता है. उसी तरह पारिजात के पेड़ के पत्तों को त्वचा पर रगड़ने से त्वचा संबंधी रोग ठीक हो सकते हैं. पारिजात के पत्तों से बना हर्बल तेल भी त्वचा रोगों को ठीक करने के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है.

कोल्ड, कफ और फीवर

नाइट जैस्मिन एक कफ़ोत्सारक के रूप में भी हमारे शरीर के लिए काम करती है, जिससे गले से बलगम को हटाने और खांसी को ठीक करने में मदद मिलती है. साथ ही, इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज भी मौजूद होते हैं, जो खांसी और सर्दी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने की क्षमता रखती है. यदि आप लंबे समय से खांसी से जूझ रहे हैं लेकिन इलाज नहीं मिल रहा है तो नाइट जैस्मिन की कुछ पत्तियां लें, इसके रस को निचोड़ें और इसे पानी में मिलाकर सेवन करें. अगर आपको इसका स्वाद अच्छा न लगे तो इसमें 1 चम्मच शहद मिला लें. साथ ही, इसकी जड़ और पत्तियों में एंटीपायरेटिक गुण होते हैं, जो आपको बुखार से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं. अधिक पर्याप्त प्रभाव के लिए आप इसमें अदरक का रस भी मिला सकते हैं.

जोड़ो में दर्द

यहां हमारा जोड़ों के दर्द से मतलब शरीर के किसी भी हिस्से के जोड़ में खिंचाव, दर्द और जकड़न आदि से है. हालांकि जोड़ों के दर्द का इलाज सामान्य घरेलू उपचार से किया जा सकता है. लेकिन यदि इनसे आराम नहीं मिलता है तो डॉक्टर जांच कर इसका इलाज करते हैं. लेकिन यह विशेष पौधा यानि कि नाइट जैस्मिन, जोड़ों में दर्द को कम करने से राहत देने में काफी मदद कर सकता है. इसके लिए पको नाइट जैस्मीन की 6 से 7 पत्तियों को पीसकर पानी में मिलाना है और अब इसे तब तक उबालें जब तक कि मात्रा आधी न हो जाए. अब इसे ठंडा करके सुबह खाली पेट पीएं. इसका नियमित रूप से सेवन करने से जोड़ों से जुड़ी अन्य समस्याएं भी दूर हो जाएंगी.

अस्थमा

नाइट जैस्मिन की पत्तियां एंटी-एलर्जिक गुणों से लैस होती हैं, जिन्हें लीव्ज़-साइटोस्टेरॉल नामक एक रासायनिक यौगिक के साथ उतारा जाता है. इसके अलावा, इसकी पत्तियों से अर्क नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन बढ़ाकर नाक की नली को आराम देने में मदद करता है. वास्तव में अस्थमा में नाक की नली सूज जाती है और इसके आसपास की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे सांस लेना बेहद मुश्किल हो जाता है.

 

Tags : #Put #night #jasmine #make #face #mark

About the Author


Taniya Chhari

Healthcare Journalist, and a content writer, Experienced Theatre artist, and belly dancer. [email protected] हम आपकी स्टोरी या ख़बर को https://hindi.medicircle.in पर प्रकाशित करेंगे.

Related Stories

Loading Please wait...
-Advertisements-



Trending Now

डॉक्टर नितिन पटकी से जानें पोस्ट कोविड के बाद कैसे रखें अपने दिल का ख्यालSeptember 30, 2020
एमबीबीएस कोर्स में सीटों का आवंटन मौजूदा नीतियों के अनुसार होगा - JIPMERSeptember 30, 2020
महाराष्ट्र में निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर मरीजों से वसूल रहे हैं मनमाना फीसSeptember 30, 2020
कोरोना संकट की वजह से महाराष्ट्र में इस बार नहीं होगा डांडिया और गरबा के कार्यक्रमSeptember 30, 2020
नेचुरोपैथी पर 2 अक्टूबर से आयोजित होने जा रहा है वेबिनार, महात्मा गांधी के स्वास्थ्य संबंधी विचारों पर होगी चर्चाSeptember 30, 2020
बस सुबह-शाम करें 20-25 मिनट सैर, रहेंगे ताउम्र फिट एंड फाइनSeptember 30, 2020
हड्डियों को कमजोर न होने दें, नहीं तो दिल हो जाएगा बीमारी का शिकार - शोध में हुआ खुलासाSeptember 30, 2020
कोरोना महामारी में आयुष मंत्रालय की भूमिका बढ़ीSeptember 30, 2020
भारत में मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य में है अद्भूत सुधार - डॉ. हर्षवर्धन, स्वास्थ्य मंत्रीSeptember 30, 2020
अच्छी ख़बर देश में कोरोना से रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या में हो रहा है तेजी से इजाफाSeptember 30, 2020
जाने उड़द दाल के अधिक सेवन से होने वाले नुकसान September 30, 2020
इम्युनिटी बूस्ट करने के लिये खूब खाएं ड्रैगन फ्रूट्सSeptember 30, 2020
क्या कोविड-19 के लिये आयुर्वेदिक इलाज हैं बेहतर, क्या कहती रिसर्च September 30, 2020
जाने आंखों के नीचे क्यूं होती है पिगमेंटेशन, ऐसे पाये छुटकाराSeptember 30, 2020
हार्ट अटैक से बचने के लिए अचूक घरेलू नुस्खाSeptember 29, 2020
अधिक मात्रा में नींबू के सेवन से हो सकता है सेहत को नुकसानSeptember 29, 2020
स्वास्थ्य मंत्री ने जारी किए कोरोना काल में सरकारी कार्यस्थल पर कामकाज के दिशा-निर्देश September 29, 2020
2 अक्टूबर 2020 को पुणे की राष्ट्रीय नेचुरोपैथी संस्थान आयोजित करेगा नेचुरोपैथी पर वेबिनार्स श्रृंखला का आयोजनSeptember 29, 2020
हार्ट की बीमारी से बचना चाहते हैं तो करें ये योगासनSeptember 29, 2020
पूरे अमेरिका में 15 करोड़ रैपिड कोविड-19 टेस्ट किट का किया जाएगा वितरणSeptember 29, 2020