कोरोना संकट में संयम और समझदारी से लें काम - अंकिता वशिष्ठ, उद्यमी और वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर, साहा फंड

अंकिता वशिष्ठ, भारत की पहली महिला प्रौद्योगिकी उद्यमिता कोष ( Technology Entrepreneurship Fund) की संस्थापक हैं.उनमें उद्यमिता के प्रति जुनून है. वे बड़े पैमाने पर खुली दृष्टि के साथ स्टार्टअप के साथ के काम कर रही हैं. वो बताती हैं कि कैसे इस कोरोना संकट के समय स्टार्टअप कंपनिया सर्वाइव कर सकती हैं


कोरोना वायरस की महामारी की वजह से यह समय पूरी दुनिया के लिए मुश्किल भर है. एक न्यूज़ पोर्टल के तौर पर हमारा यह कर्तव्य है कि हम आपको इस कठिन समय में वो सारी जानकारी दें, जिससे आप इस कठिन समय में भी अपना हौंसला बनाए रखें. कुछ लोग ऐसे हैं जो 24 घंटे काम कर रहे हैं, ताकि इस मुश्किल हालत में आपका स्वास्थ्य और आपकी नौकरी सुरक्षित रह सके. इसी कड़ी में हम आपके सामने  भारत के ऐसे लोगों से रू-ब-रू करवा रहे हैं , जो शीर्षस्तर के निवशेक और उद्यमी हैं. जो कठिन समय में अपने प्रबंधन कौशल से महामारी और आपके बिजनेस को आगे बढ़ाने में मदद करेगा. तो ज़रूर पढ़े उनकी उपल्बधियों, गलतियों और अवसर को, जिनसे आप सबक लेकर अपने क्षेत्र में कामयाब हो सकें.

इस लेख में उद्यमी, और साहा फंड की वेंचकर कैपिटल इन्वेस्टर अंकिता विशिष्ठ का इंटरव्यू है-

कोविड 19 महामारी में कैसे अपने पोर्टफोलियों कंपनियों को बेहतर संसाधनों का प्रबंधन कर सकते हैं. - लॉकडाउन की वजह से आर्थिक मंदी की स्थिति उत्पन्न हो रही है, स्टार्टअप इससे कैसे बच सकता है.

बिजनेस में हमेशा ऐसी मुश्किल घड़ी के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए.आपके पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एक बेहतर प्लान होना ज़रूरी है. पोर्टफोलियो कंपनी, लघु, मध्यम और दीर्घकालिक व्यावसायिक योजनाएं बनाकर इस महामारी में अपने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकती है. इसके लिए सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि टीमें अनुशासित और कुशल तरीके से दूर से काम करने में सक्षम हों.ऐसे समय में ऑनलाइन और प्रौधोगिकी संस्थानों का फायदा उठाना चाहिए. और यह निश्चित करें कि आपका हर कर्मचारी इनसे जुड़ा हो.स्टार्टअप्स को अपने बिजनेस मॉडल में लाने के लिए इनोवेटिव सॉल्यूशंस के बारे में सोचने की ज़रूरत है और यह जानने की ज़रूरत है कि आर्थिक मंदी से निपटने के लिए उन्हें कब लागू करना है. गैर-ज़रूरी कामों पर पैसा खर्च करने से बचना चाहिए.वरिष्ठ प्रबंधन के रुप में एक रोल मॉडल हो सकता है. और आप अपने कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी लें. अपने निवेशकों, कर्मचारियों, विक्रेताओं, ग्राहकों जैसे सभी हितधारकों के लगातार संपर्क में रहें. जिससे आपके बिजनेस को एक दिशा दे सके. और हां. अनुशासित रहें और साथ ही हमेशा अपने वरिष्ठों से सलाह लेते रहें.

एक उद्यमी की लाइफ रोलर कोस्टर के राइड की तरह होती है. और ये समय तो और भी कठिन है. ऐसी स्थिति में क्या उपाए है.

सभी की जर्नी उतार-चढाव से भरी होती है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि आप उतार के समय कैसे मैनेज करते हैं. और यही बात आपको आगे मज़बूती से उभारता है. अनुशासित होना सबसे महत्वपूर्ण है. वर्तमान महामारी के कारण छोटी और लंबी अवधि में अपने बिजनेस के जोखिम पर ध्यान दें. परिस्थित को स्वीकार करते हुए आगे बढ़े. अपने मेंटर्स, एटवाइजर्स और सहकर्मियों की मदद से व्यवसायिक रणनीतियों और योजनाओं पर अमल करें.

आपकी लाइफ में कोरोना वायरस संकट का क्या प्रभाव पड़ा है? आप इस संकट की घड़ी में कैसे काम कर रही हैं?

 देखिए दुनियाभर में हर कोई लॉकडाउन जैसी स्थिति का सामना कर रहा रहा है, तो हमे स्थिति के मुताबिक अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए, जैसी भी परिस्थिति हो, हमे उसका सामना तो करना पड़ेगा ही. हमें एक ही वक्त में परिवार और घर से काम की प्रक्रिया को बैलेंस करना पड़ रहा है.शुरुआत में लॉकडाउन एक सदमे की तरह था. टेंशन भरा था. एक तो बीमारी का डर, अपनों को खोने का खौफ़ साथ ही नौकरी गंवाना का डर. आखिर लॉकडाउन में जीवनयापन कैसे होगा. लेकिन जैसे-जैसे लॉकडाउन की अवधि पूरी होती गई, हम उसमें ढलते गए. करीब चालीस दिन में हमने यह सीख लिया कि कैसे खुद को अनुशासित रखना है और अपनी दिनचर्या का पालन करना है. घर से काम करने के लिए आरामदायक महौल बनाएं और परिवार को भी मैनेज करें. इस महामारी के दौर में मैंने अपनी टीम को नेतृत्व करने की जिमेंदारी ली. प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर टीम से संपर्क स्थापिक किया. मैंने इस समय को विचारों के आदन-प्रदान और एक दूसरे को सहयोग करने के तौर पर लिया.मौजूदा संकट से मानसिक और शरीरिक स्तर पर भी परेशानी हो रही है. इसके लिए मैंने ध्यान, योग, संगीत आदि का सहारा लिया. जो कुछ हमें पसंद, हम वो करें. अनिश्चितता भरे इस दौर में खुद को संतुलित रखना बेहद जरूरी है.   

स्टार्टअप संस्थापकों और कर्मचारियों को संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक्शन कोविड19 टीम(एसीटी), जो कि शीर्ष वीसी और उद्यमियों द्वारा सौ करोड़ अनुदान के साथ शुरू की गई है, अप इससे कैसे जुड़ी हुई हैं?

यह बड़ी ही अच्छी पहल है, कोविड की वजह से अलग-अलग हितधारक एक साथ आए हैं. और लॉकडउन जैसी एक आम समस्या के साथ मज़बूती के साथ लड़ सके. एक दूसरे का सहयोग कर सकें. ऐसे समय में नए विचार के साथ, कोविड19 से उत्पन्न समस्या के साथ लड़ सकें.

मौजूदा समय में कोविड19 की वजस से बाजार अपने निम्न स्तर तक गिर चुका है, तो क्या यह निवेशकों के लिए निवेश करने का अच्छा अवसर है?

मौजूदा संकट ने कंपनियों और व्यवसायों को जोर का झटका दिया है साथ ही मज़बूत कंपनियों को नए तरीके से उभरने में मदद भी मिला है, बेशक  मौजूदा आर्थिक संकट की वजह से बाजार गिरा है, तो ऐसे समय में निवेशकों के लिए निवेश का अवसर है. मगर यह अस्थायी है, जो अच्छी कंपनियां है वे मजबूद और बेहतर बनकर सामने आएंगी. जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उन कंपनियों के लिए बेहतर अवसर हैं. पर साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि क्या वास्तव में खरीदने लायक है. कंपनी के अतित और भविष्य को देखकर निर्णय करें.

Tags : #CoronaVirus #Covid19 #AnkitaVasistha #Entrepreneur #VentureCapitalInvestor #SahaFund

About the Author


Ranjeet Kumar

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री. न्यूज़ चैनल, प्रोडक्शन हाउस, एडवरटाइजिंग एजेंसी, प्रिंट मैगज़ीन और वेब साइट्स में विभिन्न भूमिकाओं यथा - हेल्थ जर्नलिज्म, फीचर रिपोर्टिंग, प्रोडक्शन और डायरेक्शन में 10 साल से ज्यादा काम करने का अनुभव.
नोट- अगर आपके पास भी कोई हेल्थ से संबंधित ख़बर या स्टोरी है, तो आप हमें मेल कर सकते हैं - [email protected] हम आपकी स्टोरी या ख़बर को https://hindi.medicircle.in पर प्रकाशित करेंगे

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